यूरिया तस्करी पर सवाल: थाना क्षेत्र से बॉर्डर तक कैसे पहुंच रही खाद की खेप ?

महराजगंज। कोल्हुई थाना क्षेत्र में यूरिया खाद की कथित तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार रुद्रपुर शिवनाथ क्षेत्र की कुछ दुकानों से यूरिया की खेप निकलकर बाईपास के रास्ते सीधे बॉर्डर क्षेत्र के गांवों तक पहुंचाई जा रही है। खास बात यह है कि पुलिस पूर्व में इन्हीं इलाकों से लावारिस हालत में 10 और 19 बोरी यूरिया बरामद कर चुकी है।
सूत्रों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो में बाइक और ई-रिक्शा के जरिए यूरिया की बोरियां ले जाते हुए लोग दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि खाद को अलग-अलग माध्यमों से सीमा क्षेत्र तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे तस्करी के इस नेटवर्क पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पूरे मामले में आधार कार्ड और ओटीपी के जरिए खाद की बिक्री दर्ज कराने के तरीके का कथित दुरुपयोग भी हो रहा है। आरोप है कि दूसरे क्षेत्रों से आने वाले कुछ लोग एक बार आधार-ओटीपी के माध्यम से उर्वरक की रसीद कटवाने के बाद उसी रसीद/खरीद की आड़ में पूरे दिन खाद की ढुलाई करते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि थाना क्षेत्र से लगातार यूरिया की खेप निकलकर बॉर्डर तक पहुंच रही है, तो रास्ते में निगरानी और कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है? पूर्व में इसी क्षेत्र से लावारिस यूरिया बरामद होने के बावजूद कथित तस्करी पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाने से पुलिस और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा दुकानों से होने वाली बिक्री, आधार-ओटीपी आधारित खरीद तथा बॉर्डर क्षेत्र तक खाद पहुंचने के पूरे नेटवर्क की जांच किए जाने की जरूरत है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।




