हादसे के बाद युवक को जबरन कार में बैठाकर ले जाने का मामला गरमाया,कार सवारों से पूछताछ क्यों नहीं?
खबर चलने के बाद पुलिस ने युवक को थाने बुलाया, लेकिन कार सवारों को थाने न बुलाने पर उठी चर्चाएं

महराजगंज:कोल्हुई थाना क्षेत्र के कवलपुर निवासी रामसजीवन को सड़क हादसे के बाद कथित तौर पर जबरन कार में बैठाकर ले जाने के मामले में अब कार सवारों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले की खबर रहस्य न्यूज पर चलने के बाद पुलिस हरकत में आई और युवक को थाने बुलाकर दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता होने की बात लिखवाई।
हादसे के बाद युवक को कार में बैठाने का आरोप
बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर रामसजीवन की बाइक की कार से टक्कर हो गई थी। आरोप है कि हादसे के बाद कार सवारों ने उसकी बाइक अपने कब्जे में ले ली और रामसजीवन को उसकी इच्छा के विरुद्ध कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। परिजनों को कोल्हुई थाने आने की बात बताई गई।
कार सवारों से पूछताछ क्यों नहीं ?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि दोनों पक्षों में हादसे को लेकर विवाद था तो कार सवारों ने युवक को अपने वाहन में बैठाकर ले जाने का कदम क्यों उठाया? परिजनों का कहना है कि विवाद होने पर सीधे पुलिस को सूचना दी जा सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई पर भी चर्चा
पुलिस ने युवक को थाने बुलाकर सुलह-समझौते की बात दर्ज कर ली, लेकिन कथित तौर पर युवक को कार में बैठाकर ले जाने वाले लोगों को थाने बुलाने और घटना के संबंध में पूछताछ करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




