स्क्रैप लोड कराने के बाद वाहन समेत माल गायब होने का आरोप, पांच लाख से अधिक के नुकसान की शिकायत
मोहाना थाना क्षेत्र के घोसवा स्थित फर्म से स्क्रैप लोड कराने का मामला, ट्रांसपोर्टर और चालक समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के घोसवा स्थित एक फर्म से स्क्रैप लोड कराने के बाद वाहन समेत माल गायब होने का मामला सामने आया है। बाला जी ट्रेडर्स के स्वामी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर ट्रांसपोर्टर, वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने इस घटना में करीब पांच लाख रुपये से अधिक के नुकसान का आरोप लगाया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता स्क्रैप का कारोबार करता है। 1 सितंबर 2026 को मोबाइल फोन के माध्यम से उसकी गोरखपुर स्थित ए.के. ट्रांसपोर्ट से जुड़े आकाश मिश्रा से बातचीत हुई। स्क्रैप ढुलाई के लिए 32 हजार रुपये भाड़ा तय होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद यूपीआई के माध्यम से दो हजार रुपये अग्रिम भुगतान किया गया।
आरोप है कि 2 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे डीसीएम वाहन संख्या UP 42 FT 9850 से चालक आशीष कुमार पाण्डेय की मौजूदगी में स्क्रैप लोड कराया गया। चालक को डीजल के लिए 20 हजार रुपये नकद देने तथा चौधरी धर्मकांटा पर स्क्रैप का वजन कराने की बात भी शिकायत में कही गई है। वाहन में कुछ और माल लोड किया जाना था, इसलिए उसे रात में धर्मकांटा परिसर में खड़ा कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रात के दौरान उसकी जानकारी के बिना वाहन वहां से चला गया। सुबह चालक से मोबाइल पर संपर्क करने पर कथित तौर पर बताया गया कि फाइनेंसर द्वारा वाहन को खींचकर यार्ड में खड़ा कर दिया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने ट्रांसपोर्टर से बिल्टी मांगी, लेकिन कथित तौर पर बिल्टी देने से इनकार कर दिया गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने वाहन स्वामी और चालक की तलाश की। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि दोनों अपने बताए गए पते पर नहीं मिले। शिकायतकर्ता का दावा है कि कई दिनों तक तलाश करने के बावजूद न तो वाहन का पता चला और न ही स्क्रैप बरामद हुआ।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ छल-कपट कर स्क्रैप हड़प लिया गया, जिससे उसे करीब पांच लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उसने वाहन के पंजीकृत स्वामी विशाल चौहान, चालक आशीष कुमार पाण्डेय और ट्रांसपोर्टर आकाश के खिलाफ जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और माल की बरामदगी की मांग की है।
फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




