कोल्हुई पुलिस पर तीन युवकों को अवैध हिरासत में रखने का आरोप, पूछताछ के बाद चालान से उठे सवाल

महराजगंज। कोल्हुई थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने चोरी के मोबाइल के मामले में एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में उसके दो अन्य साथियों को भी थाने बुलाकर पूछताछ की गई। आरोप यह भी है कि तीनों युवकों को करीब दो दिनों तक हिरासत में रखने के बाद सोमवार को उनका चालान न्यायालय भेजा गया।
बताया जा रहा है कि करीब दो दिन पहले थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक के पास एक मोबाइल फोन था। आरोप है कि युवक ने मोबाइल को बेचने की कोशिश की, लेकिन दुकानदार ने चोरी का होने के संदेह में उसे खरीदने से इनकार कर दिया। इसके बाद युवक ने डर के कारण मोबाइल कहीं फेंक दिया। इसी बीच पुलिस को सूचना मिलने पर युवक को पूछताछ के लिए थाने लाया गया।
आरोप है कि 29 अगस्त की रात पूछताछ के दौरान पुलिस ने युवक के दो अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया। रविवार को पूरे दिन तीनों से पूछताछ होती रही। इसी दौरान थाने में अन्य मामलों के आरोपियों का चालान न्यायालय भेजा गया, लेकिन इन तीनों युवकों को तत्काल न्यायालय नहीं भेजा गया।
बाद में पुलिस की पूछताछ में तीनों युवकों द्वारा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार किए जाने की चर्चा सामने आई। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने तीनों का चालान न्यायालय भेज दिया।
हिरासत को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि तीनों युवकों के खिलाफ मोबाइल चोरी के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य थे और चोरी का मामला सामने आया था, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
वहीं, युवकों को दो दिनों तक थाने में रखे जाने के आरोप ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। यदि हिरासत में लेने के बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, तो इसकी जिम्मेदारी किस पुलिसकर्मी की थी, यह जांच का विषय है।
इसके अलावा स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मोबाइल मालिक और पुलिस के बीच किसी तरह के लेन-देन या समझौते की बात हुई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि पूरे प्रकरण में कितने पुलिसकर्मी शामिल थे और किसके निर्देश पर कार्रवाई की गई? यदि किसी पुलिसकर्मी ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक महराजगंज से मामले की गंभीरता को देखते हुए कोल्हुई थाने से अलग किसी अन्य थाने या स्वतंत्र टीम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि हिरासत, पूछताछ, मोबाइल चोरी के मुकदमे और कथित लेन-देन से जुड़े सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
फिलहाल, इन आरोपों पर कोल्हुई पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस का पक्ष मिलने के बाद खबर को और स्पष्ट किया जा सकता है।




