सिद्धार्थनगर में नकली अंग्रेजी शराब के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
डबल डेकर बस से 35,740 नकली ढक्कन, 4,900 QR कोड, हरियाणा की शराब और स्प्रिट बरामद

सिद्धार्थनगर। जिले में अवैध एवं नकली शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग को बड़ी सफलता मिली है। थाना बाँसी पुलिस, जनपदीय एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बाँसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास एक डबल डेकर स्लीपर बस को रोककर तलाशी ली। बस से भारी मात्रा में नकली अंग्रेजी शराब के ढक्कन, QR कोड, हरियाणा निर्मित शराब, स्प्रिट, खाली बोतलें और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बाँसी शुभेन्दु कुमार के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार, 9/10 अगस्त 2026 की रात सूचना के आधार पर बाँसी पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने डबल डेकर स्लीपर बस संख्या UP 17 AT 6415 को प्रतापपुर के पास रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान बस से भारी मात्रा में संदिग्ध एवं अवैध शराब निर्माण सामग्री बरामद हुई।
बरामदगी ने खोले अवैध कारोबार के राज
पुलिस ने मौके से 35,740 नकली शराब के ढक्कन, 4,900 QR कोड/सील रैपर, हरियाणा निर्मित 281 बोतल अंग्रेजी शराब, 20 लीटर स्प्रिट अल्कोहल, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले सेंट की छह शीशियां और 65 नई खाली शराब की बोतलें बरामद की हैं।
बरामद नकली ढक्कनों पर IB, Old Monk, RS, Iconic, BP और McDowell’s जैसे ब्रांडों के नाम पाए गए। वहीं हरियाणा निर्मित शराब में OC Blue और RS ब्रांड की 375 एमएल की बोतलें शामिल हैं।
इसके अलावा घटना में प्रयुक्त डबल डेकर बस और तीन मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में राम प्रताप प्रजापति उर्फ गुरु प्रजापति, निवासी जंगल एकला नंबर-2, टोला बेनीगंज, थाना गुलरिया, गोरखपुर; दीपक जायसवाल, निवासी राजापुरी, नई दिल्ली और जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, निवासी लाला फरेंदिया, थाना महुली, संतकबीरनगर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक राम प्रताप उर्फ गुरु प्रजापति थाना बाँसी में दर्ज एक अन्य मामले में भी वांछित था।
लखनऊ ले जाई जा रही थी अवैध सामग्री
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हरियाणा से सस्ते दामों पर अंग्रेजी शराब लाकर दूसरे स्थानों पर महंगे दामों में बेचने की योजना बना रहे थे। इसके साथ ही नकली ढक्कन, QR कोड, स्प्रिट और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री को भी अलग-अलग जनपदों में पहुंचाया जा रहा था।
आरोपियों के अनुसार, अवैध सामग्री को मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर के रास्ते लखनऊ ले जाया जा रहा था। बस्ती वाला रूट बंद होने के कारण आरोपी फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर की ओर से लखनऊ जा रहे थे। इसी दौरान बाँसी-डुमरियागंज मार्ग पर पुलिस की चेकिंग में बस पकड़ी गई।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में तीनों आरोपियों के पूर्व में भी शराब और गांजा तस्करी से जुड़े मामलों में जेल जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा प्रयास जारी हैं।
इन धाराओं में मुकदमा दर्ज
बरामदगी के आधार पर थाना बाँसी में मु0अ0सं0 148/2026, धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS तथा धारा 60, 63, 72 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार
इस बड़ी कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने संयुक्त टीम की सराहना करते हुए टीम को 20,000 रुपये नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।
पुलिस का कहना है कि भारी मात्रा में नकली ढक्कन और QR कोड की बरामदगी से यह आशंका सामने आई है कि अवैध शराब को असली ब्रांड के नाम पर बाजार में खपाने की तैयारी थी। कार्रवाई से नकली और मिलावटी शराब के संभावित कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है और लोगों की जान को होने वाले खतरे के साथ-साथ सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान से बचाने में भी महत्वपूर्ण सफलता मिली है।




