सोनौली में मारपीट का मामला: घायल युवक का मेडिकल न कराने और तहरीर बदलवाने के दबाव का आरोप, थानाध्यक्ष से नहीं हो सका संपर्क

महराजगंज। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 गौतम बुद्ध नगर में मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने सोनौली पुलिस पर घायल युवक का मेडिकल परीक्षण नहीं कराने और तहरीर बदलवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले में पीड़ित परिवार ने जल्द कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित साबिर अली द्वारा दी गई तहरीर के मुताबिक, 2 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे उनके भाई की दुकान के अंदर कुछ लोगों ने घुसकर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनके भाई के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
घटना की सूचना मिलने पर साबिर अली मौके पर पहुंचे और अपने घायल भाई को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले गए। इसके बाद उन्होंने सोनौली कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सुबह 7:33 बजे खबर में अपडेट: इस संबंध में घायल युवक के भाई साबिर अली से दोबारा बातचीत की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष द्वारा तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि तहरीर में छह लोगों के नाम लिखे गए थे, लेकिन उनसे दो-चार लोगों के नाम लिखकर तहरीर देने की बात कही जा रही है। साबिर अली के मुताबिक, उनका भाई अभी भी थाने पर मौजूद है और उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और घायल का मेडिकल परीक्षण कराया जाए।
पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास:मामले में सोनौली थानाध्यक्ष से संपर्क कर पुलिस का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन दोबारा संपर्क नहीं हो सका। इसलिए फिलहाल पुलिस का आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो पाया है। पुलिस का पक्ष मिलने पर खबर में उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि मारपीट में घायल व्यक्ति का मेडिकल परीक्षण कराने में देरी क्यों हो रही है? यदि तहरीर में छह लोगों के नाम दिए गए हैं तो उनकी जांच करने के बजाय नाम कम करने का दबाव बनाने का आरोप क्यों लगाया जा रहा है? क्या पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी?
यह खबर पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का पक्ष मिलने पर उसे भी शामिल किया जाएगा।




