दो माह के मासूम के अपहरण का चौंकाने वाला खुलासा, बलि देने की थी योजना! महराजगंज से दिल्ली तक पुलिस ने खंगाले 100 से अधिक CCTV कैमरे, तीन गिरफ्तार

महराजगंज। ठूठीबारी थाना क्षेत्र के ग्राम राजाबारी टोला रमजीता से दो माह के मासूम बच्चे के अपहरण की सनसनीखेज घटना का महराजगंज पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और सर्विलांस की मदद से महराजगंज से दिल्ली तक सुरागों का पीछा करते हुए दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से अपहृत मासूम विक्की को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अंधविश्वास में मासूम की बलि देने की थी योजना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। कथित तौर पर दो माह के मासूम का अपहरण कर उसकी बलि देने की योजना बनाई गई थी। आरोपियों का मानना था कि ऐसा करने से परिवार में कई वर्षों से लापता पति और पुत्र वापस आ जाएंगे तथा परिवार में हो रही अकाल मृत्यु की घटनाएं बंद हो जाएंगी। पुलिस के मुताबिक, नेपाल के बैरियहवा में एक झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति द्वारा कथित रूप से ऐसा करने की सलाह दी गई थी। इसी अंधविश्वास के चलते अपहरण की साजिश रची गई।
रात में घर से गायब हुआ था दो माह का मासूम
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक, 3 नवंबर 2026 को ग्राम राजाबारी टोला रमजीता निवासी गोविन्द पुत्र नन्दलाल ने ठूठीबारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रात करीब 2 से 4 बजे के बीच वह अपनी पत्नी और दो माह के बेटे विक्की के साथ घर में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति घर में घुसकर बच्चे को उठा ले गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में थाना ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट, सर्विलांस और डॉग ट्रैकर स्क्वायड की संयुक्त टीमें गठित की गईं।
CCTV फुटेज से खुला राज, दिल्ली तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें रात करीब 3:57 बजे एक संदिग्ध महिला बच्चे को गोद में लेकर राजाबारी पुल के पास से निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी।
पुलिस ने आगे के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला ठूठीबारी बस स्टैंड पहुंचती दिखाई दी। पूछताछ में एक बस चालक ने बताया कि महिला सुबह करीब 5 बजे बस से शिकारपुर मोड़ पर उतरी थी और घुघली की तरफ गई थी।
जांच में महिला की पहचान सावित्री निवासी ग्राम कफवा, थाना घुघली के रूप में हुई। सर्विलांस की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक करते हुए दिल्ली पहुंच गई। वहां कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने साथी करण कुमार गौतम के साथ बच्चे सहित मिली। पूछताछ में दोनों बच्चे के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की तस्वीर पिता को भेजकर पहचान कराई, जहां उन्होंने अपने बेटे विक्की के रूप में उसकी पुष्टि की।
दो महिलाओं और एक युवक की गिरफ्तारी
पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद बच्चे को चिकित्सकीय परीक्षण के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में सावित्री पत्नी स्वर्गीय उमेश राजभर, सरस्वती पत्नी सदरी (55 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम कफवा थाना घुघली, तथा करण कुमार गौतम (22 वर्ष), निवासी जनपद देवरिया शामिल हैं।
पुलिस टीम की तत्परता से बची मासूम की जान
इस पूरे मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय पूछताछ, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से तेजी से कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ और क्षेत्राधिकारी निचलौल रविन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में संयुक्त टीम ने इस मामले का खुलासा किया।
तीनों आरोपियों के विरुद्ध मु0अ0सं0 149/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम की धारा 80 में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सवाल यह है कि अंधविश्वास की आड़ में एक मासूम की जान लेने जैसी खौफनाक योजना बनाने वालों के पीछे कौन-कौन लोग थे? पुलिस जांच में इस साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं का सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।




