महराजगंज में बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस की समन्वय गोष्ठी, मानव तस्करी रोकने पर जोर
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी पर हुई चर्चा

महराजगंज। जनपद में बाल सुरक्षा को मजबूत बनाने, मानव तस्करी पर अंकुश लगाने और बच्चों से जुड़े अपराधों की प्रभावी रोकथाम के लिए मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में मासिक समन्वय गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी फरेंदा दीपशिखा वर्मा ने की। इसमें जिले के विभिन्न थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यशाला में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रभावी अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बालश्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी और अनैतिक देह व्यापार की रोकथाम के लिए समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और रेस्क्यू अभियान पर जोर
बैठक में गुमशुदा बालक-बालिकाओं की तलाश एवं बरामदगी, बच्चों से संबंधित विशेष रेस्क्यू अभियान और बाल पीड़ितों को समय से सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही बाल पीड़ितों के चिकित्सीय परीक्षण, बरामदगी के बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना देने तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पर जानकारी दी गई।
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष बच्चों की प्रस्तुति, शत-प्रतिशत सूचना प्रेषण, किशोर न्याय बोर्ड से संबंधित प्रक्रियाओं और विवेचना एवं अभियोजन के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें।
हेल्पलाइन नंबरों के प्रचार-प्रसार पर जोर
कार्यशाला में बच्चों और जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090 एवं 181, एंबुलेंस सेवा 108 एवं 102, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, अग्निशमन सेवा 101, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मानव तस्करी विरोधी थाना प्रभारी पंकज कुमार पाल, सशस्त्र सीमा बल की 66वीं वाहिनी के एएचटी प्रभारी पवन कुमार एवं उप कमांडेंट शशांक राय, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के प्रतिनिधि, यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह सहित श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, रेलवे सुरक्षा बल तथा विभिन्न बाल संरक्षण एवं सामाजिक संस्थाओं के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय को मजबूत करना और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के साथ पीड़ित बच्चों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना रहा।




