बर्डपुर ब्लॉक में वीबी-जी राम जी योजना पर उठे सवाल, बिना काम कराए फर्जी हाजिरी दर्ज करने का आरोप
पांच ग्राम पंचायतों में परियोजनाओं, मस्टर रोल और मजदूरों के भुगतान की उच्चस्तरीय जांच की मांग

सिद्धार्थनगर। जिले के बर्डपुर ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-7, बर्डपुर नंबर-10, पिपरसन, सिहोरवा बुजुर्ग और पकड़ी उर्फ मुड़िला में योजनान्तर्गत कराए जा रहे कार्यों, मजदूरों की डिमांड, उपस्थिति और भुगतान की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ परियोजनाओं पर वास्तविक कार्य कराए बिना ही श्रमिकों की डिमांड दर्ज किए जाने और मस्टर रोल में उपस्थिति दिखाए जाने की आशंका है। आरोप यह भी है कि नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) के माध्यम से दर्ज होने वाली हाजिरी में कथित गड़बड़ी की जा रही है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों और महानगरों में गए कुछ श्रमिकों के नाम भी मस्टर रोल में दर्ज होने की बात कही जा रही है।
जॉब कार्ड धारकों की जानकारी के बिना काम दर्ज करने का आरोप
ग्रामीणों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ जॉब कार्ड धारकों के नाम पर उनकी जानकारी के बिना काम दर्ज किया जा रहा है। शिकायत में दावा किया गया है कि मजदूरों के खातों में भुगतान आने के बाद कथित तौर पर कुछ रकम देकर शेष राशि वापस लेने का दबाव भी बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
इन परियोजनाओं के अभिलेखों की जांच की मांग
शिकायत में बर्डपुर नंबर-7 और बर्डपुर नंबर-10 की कुछ परियोजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
– चुन्ने के खेत से करीमपुर सरहद तक नाला खुदाई का कार्य।
– कब्रिस्तान से गांव तक चकरोड पर मिट्टी पटाई का कार्य।
– संजय के घर से भुसेल के खेत तक नाला खुदाई का कार्य।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन परियोजनाओं के लिए जारी मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों की उपस्थिति और मौके पर हुए वास्तविक कार्य का मिलान कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही पिपरसन और पकड़ी उर्फ मुड़िला सहित अन्य संबंधित ग्राम पंचायतों में संचालित परियोजनाओं के अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है।
एनएमएमएस फोटो से लेकर भुगतान तक हो जांच
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित परियोजनाओं की डिमांड, मस्टर रोल, एनएमएमएस पर अपलोड की गई तस्वीरों, जॉब कार्ड और मजदूरों के खातों में हुए भुगतान का आपस में मिलान कराया जाए। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन भी करे, ताकि यह पता चल सके कि अभिलेखों में दर्ज कार्य वास्तव में हुए हैं या नहीं।
शिकायतकर्ताओं ने संबंधित योजना के आयुक्त और उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी अभिलेखों और मौके पर कराए गए कार्यों का सत्यापन किया जाता है, तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
अब निगाहें जांच पर: फिलहाल लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित ग्राम पंचायतों में कार्यों, श्रमिकों की उपस्थिति और भुगतान की प्रक्रिया में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।




