कोल्हुई में पारिवारिक विवाद ने लिया नया मोड़; चौकी इंचार्ज पंकज सिंह और कैश मुहम्मद की तहरीर पर दर्ज हुए मुकदमे, महिला ने भाई के साथ मारपीट का लगाया आरोप
महराजगंज: महिला की शिकायत के बाद उसे और उसके भाई पर दो मुकदमे दर्ज, चौकी इंचार्ज की भूमिका पर उठे सवाल

महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला अब नया मोड़ ले चुका है। एक महिला ने चौकी इंचार्ज पर अपने और अपने भाई के साथ मारपीट करने, भाई को चौकी पर रोकने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया है। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चौकी इंचार्ज पंकज सिंह और कैश मुहम्मद की अलग-अलग तहरीरों पर महिला और उसके भाई के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मामले में पुलिस की कार्रवाई और चौकी इंचार्ज की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तहरीर देने के बाद चौकी पहुंची महिला
मिली जानकारी के अनुसार, महिला ने 10 अक्टूबर 2026 को रात करीब आठ बजे पारिवारिक विवाद के संबंध में तहरीर दी थी। बताया जा रहा है कि अगले दिन महिला अपने भाई के साथ थाने पर मौजूद थी। इसी दौरान चौकी से फोन आने पर वह अपने भाई के साथ चौकी पहुंच गई।
महिला के आरोपों के मुताबिक, चौकी पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसके तथा उसके भाई के साथ मारपीट की गई। महिला का दावा है कि उसके भाई के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। उसने मोबाइल फोन छीनने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।
चौकी इंचार्ज और कैश मुहम्मद की तहरीर पर मुकदमे
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को चौकी इंचार्ज पंकज सिंह की तहरीर पर महिला और उसके भाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132, 115(2), 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने का समय शाम 5:36 बजे बताया गया है।
वहीं, उसी दिन कैश मुहम्मद की तहरीर पर भी महिला और उसके भाई के खिलाफ धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। इसका समय शाम 6:02 बजे बताया गया है।
इस तरह दोनों तहरीरों के आधार पर महिला और उसके भाई के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह भी बताया जा रहा है कि महिला और उसके भाई का चालान किया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक विवरण प्राप्त होना बाकी है।
महिला सशक्तीकरण के बीच उठे सवाल
महिला सुरक्षा, सम्मान और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए मिशन शक्ति जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में इस मामले में कई सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।
* महिला ने 10 अक्टूबर को तहरीर दी थी, तो क्या उसे शिकायत की प्राप्ति रसीद यानी पीली पर्ची दी गई?
* जब महिला थाने पर मौजूद थी, तो उसे चौकी पर किस कारण बुलाया गया?
* चौकी पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं या नहीं?
* महिला के भाई के साथ मारपीट के आरोपों की जांच हुई या नहीं?
* क्या घायल भाई का चिकित्सकीय परीक्षण (मेडिकल) कराया गया?
* महिला की शिकायत और दोनों मुकदमों के घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कौन करेगा?
स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर इससे पहले भी दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, इस पुराने मामले का विवरण और वर्तमान प्रकरण से उसका कोई संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला का पक्ष और पुलिस की सफाई का इंतजार
मामले में पहले कोल्हुई थानाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने बताया था कि जांच चल रही है। चौकी इंचार्ज से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। महिला से दोबारा संपर्क करने की कोशिश भी की गई, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला।
फिलहाल, महिला और उसके भाई के साथ कथित मारपीट, चोटों के मेडिकल परीक्षण तथा दोनों मुकदमों की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला की शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और उसी महिला व उसके भाई के खिलाफ दो मुकदमे किन परिस्थितियों में दर्ज किए गए? मामले में निष्पक्ष जांच और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




