कोल्हुई में फर्जी आधार, निर्वाचन और पैन कार्ड तैयार किए जाने की चर्चा, माइक्रोफाइनेंस लोन में दस्तावेजों के दुरुपयोग का आरोप

महराजगंज । कोल्हुई कस्बे में आधार कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र (EPIC) और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार किए जाने को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि कुछ ऑनलाइन सेंटरों पर जरूरत के अनुसार कम समय में दस्तावेज तैयार करने का दावा किया जाता है और इसके बदले लोगों से मोटी रकम ली जाती है। लोटन रोड स्थित एक ऑनलाइन सेंटर को लेकर भी ऐसी चर्चाएं सामने आ रही हैं।
माइक्रोफाइनेंस लोन से जुड़ा होने का आरोप
बताया जा रहा है कि कोल्हुई क्षेत्र में कई माइक्रोफाइनेंस कंपनियां महिलाओं के समूह बनाकर ऋण उपलब्ध कराती हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में ऋण की अदायगी में डिफाल्ट होने के बाद संबंधित लोगों की पहचान से जुड़े दस्तावेजों में बदलाव या नए दस्तावेज तैयार कराने की कोशिश की जाती है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दूसरे व्यक्ति के पहचान नंबर के इस्तेमाल की आशंका
चर्चाओं में यह भी बात सामने आ रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के दौरान किसी दूसरे व्यक्ति के आधार नंबर या निर्वाचन पहचान संख्या (EPIC) का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो वास्तविक दस्तावेज धारक के नाम पर ऋण अथवा अन्य वित्तीय गतिविधियां दर्ज होने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शिकायतों की जांच से खुल सकता है मामला
क्षेत्र में ऐसे मामलों की भी चर्चा है, जहां किसी व्यक्ति द्वारा ऋण लेने से इनकार करने के बावजूद उसके नाम या पहचान से जुड़ा ऋण रिकॉर्ड सामने आने की बात कही जाती है। नेपाल सीमा से सटे कोल्हुई क्षेत्र में पहचान दस्तावेजों के संभावित दुरुपयोग को देखते हुए संबंधित ऑनलाइन सेंटरों, दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया और माइक्रोफाइनेंस ऋण रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभागों द्वारा जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेज वास्तव में फर्जी तरीके से तैयार किए जा रहे थे या नहीं और यदि ऐसा हो रहा है तो इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।




