साइबर फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को मिली राहत, खेसरहा साइबर टीम ने ₹10,700 कराए वापस
₹4.21 लाख के UPI फ्रॉड मामले में कार्रवाई, बैंक और साइबर टीम के समन्वय से खाते में लौटी रकम

सिद्धार्थनगर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खेसरहा की साइबर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड से संबंधित ₹10,700 की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी।
पुलिस के अनुसार, रामप्रसाद पुत्र रामसेवक, निवासी लमुईताल, थाना खेसरहा, ने 8 अक्टूबर 2025 को एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत संख्या 23110250165094 में बताया गया था कि उनके साथ UPI के जरिए करीब ₹4,21,024 का साइबर फ्रॉड हुआ है।
इस मामले में थाना खेसरहा पर मुकदमा पंजीकृत है और प्रकरण विचाराधीन है। साइबर अपराध से संबंधित धनराशि की रिकवरी एवं लीन की कार्रवाई के तहत साइबर सेल टीम ने कोर्ट ऑर्डर एवं संबंधित बैंक के समन्वय से कार्रवाई आगे बढ़ाई।
पुलिस टीम के प्रयासों के परिणामस्वरूप 18 सितंबर 2026 को ₹10,700 की फ्रॉड धनराशि आवेदक के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
धनराशि वापस मिलने पर आवेदक ने पुलिस टीम की कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया। पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या UPI लेनदेन से पहले पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
सराहनीय कार्य करने वाली टीम
- रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी निरीक्षक, थाना खेसरहा
- राघवेंद्र प्रताप यादव, प्रभारी साइबर सेल
- कांस्टेबल अभिषेक मौर्य
- रिजर्व कांस्टेबल नीरज कुमार
- महिला कांस्टेबल रम्भा यादव




