सिद्धार्थनगर में नकली अंग्रेजी शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड और शराब बरामद

सिद्धार्थनगर। थाना बाँसी पुलिस, एसओजी/सर्विलांस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली एवं मिश्रित अंग्रेजी शराब बनाने और बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड (सील रैपर), मिश्रित अंग्रेजी शराब और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं।
प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों के नेतृत्व में 5 अगस्त 2026 को इटवा रोड स्थित रतन सेन सिंह इंटर कॉलेज के पास चेकिंग और मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार अभियुक्त बलराम जायसवाल की निशानदेही पर थाना बाँसी क्षेत्र के सुभाष नगर, कोइलहवा स्थित किराये के मकान की तलाशी ली गई। वहां से विभिन्न ब्रांड की शराब के 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 बारकोड (सील रैपर), शराब तैयार करने में प्रयुक्त उपकरण तथा अन्य सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा संबंधित दुकान से विभिन्न ब्रांड की 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब भी बरामद की गई।
गिरफ्तार अभियुक्तों में बलराम जायसवाल, निवासी देवियापुर नरकटहा, थाना बाँसी तथा प्रदीप कुमार, निवासी अनंगपुर, थाना पाली, जनपद हरदोई शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में थाना बाँसी पर मु0अ0सं0 146/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं एवं आबकारी अधिनियम की धारा 60/64 में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पूछताछ में बलराम जायसवाल ने बताया कि वह किराये के मकान में नकली ढक्कन और बारकोड का भंडारण करता था। यह सामग्री ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगाई जाती थी और सिद्धार्थनगर सहित आसपास के जनपदों तथा नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों की शराब की दुकानों से जुड़े लोगों को बेची जाती थी। इनका उपयोग खाली बोतलों में शराब भरकर नकली सील और ढक्कन लगाकर असली शराब के रूप में बेचने के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आबकारी विभाग ने संबंधित शराब की दुकान को सील कर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रभावी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त टीम को 20 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।




