महराजगंज: एक लाख की टप्पेबाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
SBI से रुपये निकालकर घर जा रहे व्यक्ति को बनाया था निशाना, आवास दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये ठगे; बदले में थमाया था दो लाख का फर्जी चेक

महराजगंज। जिले में टप्पेबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निचलौल पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय टप्पेबाजी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 25,200 रुपये नकद, पंजाब नेशनल बैंक के चार चेक, एक मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस के मुताबिक, बीते 14 अक्टूबर 2026 को निचलौल थाना क्षेत्र के ग्राम पतौना निवासी दशरथ सिंह भारतीय स्टेट बैंक की निचलौल शाखा से अपने निजी कार्य के लिए एक लाख रुपये निकालकर घर जा रहे थे। इसी दौरान कटरा चौराहे के पास आरोपियों ने उन्हें आवास का पैसा दिलाने का भरोसा दिलाया। झांसे में लेकर आरोपियों ने उनसे एक लाख रुपये ले लिए और बदले में दो लाख रुपये का कूटरचित चेक थमा दिया। पीड़ित की शिकायत पर थाना निचलौल में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
मामले के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। इसके आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान कर 30 अक्टूबर को टिकुलहिया पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा श्रीवास्तव, संजय पटेल और मंगल यादव के रूप में हुई है। तीनों बिहार के पश्चिमी चंपारण जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पूर्व में घुघली थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की टप्पेबाजी की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 25,200 रुपये नकद, पंजाब नेशनल बैंक के तीन ब्लैंक चेक, एक भरा हुआ चेक, लावा कंपनी का मोबाइल फोन और फर्जी नंबर प्लेट लगी पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है।
इस कार्रवाई में थाना निचलौल के प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र राय, स्वाट प्रभारी आशीष सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश सिंह समेत पुलिस और सर्विलांस सेल की टीम शामिल रही। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।




