छः महीने में साइबर ठगी के 1.53 करोड़ रुपये फ्रीज, 37.38 लाख पीड़ितों को वापस

महराजगंज। साइबर अपराध के खिलाफ महराजगंज पुलिस की कार्रवाई में बड़ी सफलता सामने आई है। साइबर क्राइम थाना महराजगंज ने अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीनों में साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 1.53 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि फ्रीज कराई है। वहीं, MRM पोर्टल के माध्यम से 37.38 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान साइबर क्राइम थाना को NCRP पोर्टल पर कुल 1,886 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों में कुल 3 करोड़ 80 लाख 85 हजार 452 रुपये की फ्रॉड धनराशि शामिल थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 1 करोड़ 53 लाख 72 हजार 280 रुपये फ्रीज कराए गए।
संगठित साइबर गिरोहों पर भी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार साइबर क्राइम थाना टीम ने इस अवधि में संगठित साइबर गिरोहों और फर्जी नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की। अवैध रूप से सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
तेलंगाना राज्य की Online Crimes Against Women and Children (OCWC) रिपोर्ट के आधार पर भी तत्काल अभियोग दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा एटीएम के माध्यम से अवैध रूप से धन निकालने और ठगी करने वालों के खिलाफ 10 अभियोग दर्ज कर 10 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई। फर्जी दस्तावेजों पर जारी सिम कार्ड के जरिए साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ 17 अभियोग दर्ज कर 17 अभियुक्तों को जेल/विधिक कार्रवाई के दायरे में लाया गया। फर्जी चेक के इस्तेमाल से जुड़े साइबर अपराध में भी एक अभियोग दर्ज कर एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
1,606 मोबाइल नंबर और 2,204 IMEI ब्लॉक
साइबर अपराधियों द्वारा दोबारा अपराध करने की संभावना को रोकने के लिए साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल ब्लॉकिंग की कार्रवाई भी की। इस दौरान 1,606 मोबाइल नंबर तथा 2,204 मोबाइल IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की साइबर ठगी होने पर बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन/साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के मुताबिक, ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, रकम को फ्रीज कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।




