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साइबर थाना व सिंदुरिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन बाल अश्लील सामग्री के अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

महराजगंज। जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “Online Crimes Against Women and Children” के तहत महराजगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना और सिंदुरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण संबंधी अवैध सामग्री के प्रसार एवं कारोबार में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम दीपशिखा वर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में साइबर निगरानी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 10 जुलाई 2026 को अभियुक्त अनुज पटेल के घर पर छापेमारी की गई। वहां से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अभियुक्त सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध रूप से बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री का संग्रह, प्रसार और कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ मु0अ0सं0 43/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

ऐसे करते थे अपराध

पूछताछ और डिजिटल जांच में पता चला कि आरोपी Telegram और X (पूर्व में Twitter) पर फर्जी एवं गुप्त यूजर आईडी बनाकर सक्रिय थे। ये बाल यौन शोषण संबंधी फोटो और वीडियो सामग्री का संग्रह कर उसे धन कमाने के उद्देश्य से विभिन्न लोगों तक पहुंचाते थे। अपनी पहचान छिपाने और नई सिम लेने के लिए इन्होंने फर्जी आधार कार्ड सहित अन्य पहचान दस्तावेज भी तैयार कर रखे थे।

बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 1 डेस्कटॉप, 1 सीपीयू, 1 माउस, 3 डाटा केबल, 1 इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड, 1 फर्जी आधार कार्ड तथा डिजिटल साक्ष्य के रूप में 12 स्क्रीनशॉट बरामद किए हैं।

पुलिस की अपील

महराजगंज पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की बाल यौन शोषण संबंधी या अश्लील सामग्री को न देखें, न डाउनलोड करें और न ही किसी के साथ साझा करें। यदि ऐसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अभिभावकों से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करने की भी अपील की गई है।

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