कोल्हुई की गलियों में खाद की संदिग्ध ढुलाई, दो बाइकों पर तीन-तीन बोरी यूरिया ले जाते दिखे युवक

महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में उर्वरक की कथित तस्करी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच कोल्हुई थाना क्षेत्र की एक गली से दो बाइकों पर तीन-तीन बोरी यूरिया खाद बिना बांधे ले जाते युवकों का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों बाइक एक ही रास्ते से खाद लेकर आगे की ओर जाती दिखाई दीं, जिससे खाद की ढुलाई को लेकर संदेह गहरा रहा है।
बताया जा रहा है कि सोनारी गली स्थित एक दुकान पर टेम्पो के जरिए उर्वरक पहुंचाया जाता है। आरोप है कि यहां से कथित रूप से अलग-अलग समय पर तीन-चार बोरी खाद बाइक या अन्य वाहनों के जरिए सीमा क्षेत्र से जुड़े गांवों तक पहुंचाई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के समय खाद को इधर-उधर पहुंचाने के बाद रात में इसे भारत से नेपाल ले जाने का खेल शुरू होने की आशंका रहती है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि खाद लाने वाले टेम्पो या अन्य वाहनों में एक बार में महज तीन-चार बोरी ही लाई जाती हैं। बाहर से वाहन खाली दिखाई देता है, जबकि उसमें उर्वरक मौजूद रहता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फिलहाल, दो अलग-अलग बाइकों पर एक साथ तीन-तीन बोरी यूरिया खाद ले जाते युवकों का वीडियो/दृश्य सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। सवाल यह भी है कि खाद कहां से लाई गई, किसके लिए ले जाई जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है?
गौरतलब है कि खाद की अवैध ढुलाई और तस्करी के खिलाफ कोल्हुई पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की गई है। कई मामलों में पुलिस द्वारा लावारिस हालत में भी उर्वरक बरामद किए जाने की जानकारी सामने आती रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि कोल्हुई पुलिस संबंधित विभाग के साथ समन्वय कर इस पूरे मामले की जांच करती है या नहीं, और यदि उर्वरक की अवैध ढुलाई अथवा तस्करी की पुष्टि होती है तो इसके पीछे जुड़े लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
नोट: संबंधित दुकानदार, वाहन चालकों या युवकों का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा ।




