सिद्धार्थनगर: बर्डपुर नंबर-6 में मनरेगा और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप, दो लोगों ने शपथ पत्र देकर मांगी जांच

सिद्धार्थनगर। जिले के विकास खंड बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-6 में मनरेगा और राज्य वित्त व केंद्रीय वित्त से कराए गए विकास कार्यों में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्राम सभा के दो व्यक्तियों ने शपथ पत्र देकर जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने और आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मनरेगा के तहत कुछ कार्यों को अलग-अलग वर्षों में एक ही स्थान पर दोहराकर दर्शाया गया। वहीं, कुछ कार्यों में बिना काम कराए भुगतान लेने और एक ही कार्य के लिए कई बार भुगतान किए जाने की आशंका जताई गई है।
शिकायत में पड़रहवा, सुखमंगलपुर, अठकोनिया, गुलाबगढ़ और सेमरी सहित विभिन्न स्थानों पर कराए गए मिट्टी पटाई, नाला सफाई, नाला खुदाई, खड़ंजा और इंटरलॉकिंग निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत में हाईमास्ट लाइट लगाने, फॉगिंग और ब्लीचिंग के कार्यों तथा भूमिगत नाली निर्माण में भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान विभिन्न स्थानों पर हाईमास्ट लगाने के कार्य में 6,11,620 रुपये के भुगतान का उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ निर्माण कार्यों को एक ही कार्य बताते हुए अलग-अलग मदों में भुगतान किए जाने और एक इंटरलॉकिंग कार्य निजी जमीन पर कराए जाने का आरोप लगाया गया है।
अपर जिला पंचायत राज अधिकारी बोले—आगे की कार्रवाई जारी
इस संबंध में अपर जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी महोदय से संबंधित कागजात प्राप्त हुए हैं और आगे की कार्यवाही जारी है। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि मामले से संबंधित कागजात विभाग तक पहुंच चुके हैं और आगे की प्रक्रिया चल रही है।
ग्राम प्रधान ने कहा—जांच टीम का स्वागत है
वहीं, जब इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच टीम का स्वागत है। उन्होंने जांच कराए जाने पर अपनी सहमति जताई, जिससे मामले की जांच के जरिए वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी से संबंधित कार्यों के अभिलेख, भुगतान विवरण, कार्यस्थलों और मनरेगा के मस्टर रोल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब मामले में विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।




