मुहचोरवा घाट हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, पत्नी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश
₹1.10 लाख की सुपारी देकर कराई हत्या, शव नदी में फेंक ई-रिक्शा हादसे का रूप देने की कोशिश

सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मुहचोरवा घाट के पास बुढ़ी राप्ती नदी में शव मिलने और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। थाना ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मामले में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी।
पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोरवा घाट के पास हरिश्चन्द्र पुत्र स्व. रामगुलाम निवासी कपियवा, थाना इटवा की हत्या कर शव को बुढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया था। इसके बाद उसके ई-रिक्शा को इस तरह नदी की ओर लटका दिया गया, जिससे घटना पहली नजर में सड़क हादसा प्रतीत हो।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के नेतृत्व में एसओजी व ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी।
मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपी दबोचे
पुलिस के अनुसार 8 सितंबर 2026 को बढ़नी कस्बे के पचपेड़वा तिराहा पर पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में शामिल इरशाद अपने दो साथियों के साथ दुधवनिया बुजुर्ग नहर के रास्ते धनौरा की ओर जाने वाला है।
सूचना पर पुलिस ने दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की तरफ जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर इरशाद, अब्दुल्ला और नियाज अहमद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की पूरी साजिश का खुलासा करने का दावा किया।
अवैध संबंध और घरेलू विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया देवी के नियाज अहमद से कथित अवैध संबंध थे। पुलिस का दावा है कि नियाज अहमद माया देवी का खर्च भी चलाता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि हरिश्चन्द्र शराब का सेवन करता था और शराब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट करता था। पुलिस के मुताबिक, इससे परेशान माया देवी अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी और वह पिछले कई महीनों से नियाज अहमद पर हत्या कराने के लिए दबाव बना रही थी।
इसके बाद नियाज अहमद ने हरिश्चन्द्र की हत्या की योजना बनाई और हत्या के लिए ₹1.10 लाख देने की बात तय हुई। आरोप है कि योजना के तहत हरिश्चन्द्र को मुहचोरवा घाट के पास ले जाया गया, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
शव नदी में फेंका, ई-रिक्शा को हादसे का रूप देने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए शव को बुढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया। इसके साथ ही ई-रिक्शा को नदी की ओर इस तरह लटका दिया गया कि पूरी घटना दुर्घटना जैसी लगे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मुहचोरवा घाट से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, ₹600 नकद और एयर इंडिया का टिकट भी बरामद किया गया।
पत्नी माया देवी भी गिरफ्तार
पूछताछ और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी माया देवी की भी हत्या की साजिश में भूमिका सामने आने का दावा किया गया। पुलिस ने उसे भी 8 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। इस प्रकार मामले में अब तक कुल चार अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 120/2026 में धारा 61(2), 3(5) और 238 BNS की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तार अभियुक्त
– इरशाद पुत्र मुनीर, निवासी कपिया, थाना इटवा, उम्र करीब 30 वर्ष।
– अब्दुल्ला पुत्र कमाल अहमद, निवासी रमवापुर उर्फ विशुनपुर, थाना इटवा, उम्र करीब 24 वर्ष।
– नियाज अहमद पुत्र रौआब अली, निवासी कपिया, थाना इटवा, उम्र करीब 30 वर्ष।
– माया देवी पत्नी मृतक हरिश्चन्द्र अग्रहरि, निवासी कपियवा, थाना इटवा, उम्र करीब 35 वर्ष।
पुलिस के अनुसार घटना का सफल अनावरण करने वाली टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा ₹20,000 नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।




